उत्तरप्रदेश श्रमिक जन जागरण अभियान-श्रमिकों के बच्चों को लाभ व राशि|यूपी श्रमिक जन जागरण अभियान| श्रमिक जन जागरण अभियान उत्तरप्रदेश| श्रमिक जन जागरण अभियान यूपी|

उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने  को बताया कि योगी सरकार अब सामूहिक विवाह सम्मेलनों में श्रमिकों की बेटियों के विवाह की व्यवस्था करने जा रही है। सरकार विवाह सम्मेलन में ही बेटियों को 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी देगी।  प्रदेश सरकार सामूहिक विवाह सम्मेलनों के आयोजन द्वारा श्रमिकों की बेटियों के शादी का खर्च उठाएगी और दांपत्य जीवन की शुरुआत के लिए बेटियों को 55 हजार रुपये के चेक भी दिए जाएंगे। मजदूरों को पंजीकृत करने का काम चल रहा है। निर्माण कार्य सहित अन्य क्षेत्रों के मजदूरों के बीच में शिविर लगाकर पंजीकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।

मजदूरों को पंजीकृत करके सामूहिक विवाह सम्मेलनों में योगी सरकार द्वारा 55 हज़ार रुपए श्रमिक बेटियों के विवाह की व्यवस्था करने के लिए दिए जाएंगे। उत्तर प्रदेश श्रम मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि इसके लिए जनजागरण अभियान चलाने के साथ ही संत रविदास शिक्षा मदद योजना के मद्देनज़र मजदूरों के बच्चों की उच्च शिक्षा हेतु 60 हज़ार रुपए, शिशुहित लाभ योजना के तहत 12 हज़ार रुपए व बेटी के जन्म पर 20 हज़ार रुपए एकमुश्त दिया जाएगा, जो 18 वर्ष पूर्ण होने पर उनके द्वारा निकाला जा सकेगा।

उत्तरप्रदेश श्रमिक जन जागरण अभियान

उन्होंने बताया, ‘संत रविदास शिक्षा मदद योजना के तहत मजदूरों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 60 हजार रुपये तक की व्यवस्था की है। शिशु हित लाभ योजना के तहत बेटी के जन्म पर 15 हजार रुपये एवं बेटे के जन्म पर 12 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही बेटी के जन्म पर 20 हजार रुपये एक साथ जमा किया जाएगा, जो 18 वर्ष पूर्ण होने पर मिलेगा।’स्वामी प्रसाद ने बताया, ‘श्रमिकों को आवास के लिए एक लाख रुपये की आर्थिक मदद का प्रबंध भी सरकार करेगी। श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षा मदद योजना के तहत प्राइमरी शिक्षा के लिए 100 रुपये, जूनियर शिक्षा के लिए 150 रुपये, माध्यमिक शिक्षा के लिए 200 रुपये, स्नातक शिक्षा के लिए 250 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। इसके साथ ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए पांच हजार रुपये की व्यवस्था होगी।

श्रमिकों के लिए पांच शहरों में प्रारंभ हुई 10 रुपये में भरपेट मध्याह्न भोजन-योजना अन्य शहरों में भी प्रारंभ की जाएगी।’श्रम मंत्री ने कहा, ‘मजदूरों की दुर्घटना में मृत्यु पर पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता परिजनों को दी जाएगी। स्थाई रूप से अंग-भंग होने पर तीन लाख रुपये की सहायता एवं सामान्य मृत्यु पर दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है। वहीं अंतिम संस्कार के लिए 25 हजार रुपये की सहायता की भी व्यवस्था की गई है।श्रमिकों हेतु 10 रुपए में भरपेट मध्यान्ह भोजन योजना अन्य शहरों में भी प्रारंभ करने के साथ ही इंजीनियरिंग पढ़ाई हेतु 5000 रुपए, प्राथमिक शिक्षा के लिए 100 रुपए प्रति माह, जूनियर, माध्यमिक व स्नातक शिक्षा के लिए क्रमश: 150, 200 व 250 रुपए/माह दिए जाएंगे।

उत्तरप्रदेश श्रमिक जन जागरण अभियान जरूरी बातें

  • उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों की बेटियों के विवाह की व्यवस्था करेगी और उन्हें दाम्पत्य जीवन की शुरूआत के लिए 55 हजार रूपये की आॢथक मदद भी देगी।प्रदेश के श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने संवाददाताओं से कहा,‘‘मण्डल स्तर पर प्रदेश सरकार सामूहिक विवाह सम्मेलनों के आयोजन के द्वारा श्रमिकों की बेटियों के विवाह का खर्च वहन करेगी और नव दाम्पत्य जीवन की शुरूआत के लिए बेटियों को 55 हजार रूपये के चेक भी दिए जाएंगे।’’मौर्य ने कहा,‘‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत रविदास शिक्षा मदद योजना के तहत मजदूरों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 60 हजार रूपये तक की व्यवस्था की है। शिशुहित लाभ योजना के तहत बेटी के जन्म पर 15 हजार रूपये एवं बेटे के जन्म पर 12 हजार रूपए की तत्काल आॢथक सहायता दी जाएगी।’’उन्होंने बताया कि इसके साथ ही बेटी के जन्म पर 20 हजार रूपये एक मुश्त जमा किया जाएगा जो 18 वर्ष पूर्ण होने पर मिलेगा।   मौर्य ने अपने विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि श्रम सेवायोजन विभाग समाज के अंतिम पायदान के लोगों से जुड़ा विभाग है। मजदूरों के हित में मोदी सरकार और योगी सरकार मजूदरों के बीच पहुंच कर उनकी मदद को संकल्पित है।  उन्होंने बताया कि मजदूरों को पंजीकृत करने का काम चल रहा है। निर्माण कार्य सहित अन्य क्षेत्रों के मजदूरों के बीच में शिविर लगाकर पंजीकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए गए है। श्रमिकों में पंजीकरण के लिए जन जागरण अभियान चलाया जाएगा। मंत्री ने बताया कि श्रमिकों को आवास के लिए एक लाख रूपये की आॢथक मदद का प्रबन्ध भी सरकार करेगी। श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षा मदद योजना के तहत प्राइमरी शिक्षा के लिए 100 रूपये, जूनियर शिक्षा हेतु 150 रूपये, माध्यमिक शिक्षा हेतु 200 रूपये, स्नातक शिक्षा हेतु 250 रूपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अंत्येष्टि के लिए 25 हजार रूपये की सहायता की भी व्यवस्था की गई है। श्रम विभाग श्रमिकों के कार्य स्थल के पास ही उनके बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था भी करेगी। 

उत्तरप्रदेश श्रमिक जन जागरण अभियान लाभ

  • मजदूर की अकाल मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए 25 हजार रुपये की सहायता की भी व्यवस्था की गई है।
  • मजदूरों की दुर्घटना में मृत्यु पर पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता परिजनों को दी जाएगी।
  • उत्तरप्रदेश श्रम मंत्रालय ने मजदूरों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 60 हजार रुपये तक की व्यवस्था की है।
  • पंजीकृत श्रमिक के स्थाई रूप से अंग-भंग होने पर तीन लाख रुपये की सहायता एवं सामान्य मृत्यु पर दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है।
  • सरकार द्वारा श्रमिकों को आवास के लिए एक लाख रुपये की आर्थिक मदद का प्रबंध किया जाएगा।
  • इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए पांच हजार रुपये की व्यवस्था की जाएगी।

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