उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना|up krishi sinchai yojana in hindi

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उत्तर प्रदेश के प्यारे देशवासियों उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की शुरुआत की है| इस योजना की शुरुआत से यूपी के लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा इस योजना के तहत संचाई से पानी की बचत लागत में कमी उत्पादन में वृद्धि उच्च गुणवत्ता की फसल होती है |केंद्र और राज्य सरकार दोनों ने मिलकर मोटी सर्व सिटी भी दे रहे हैं करोड़ों रुपए का बजट भी खाते में हैं लेकिन लाभार्थियों की संख्या काफी कम है पानी की बचत पर खेती की लागत कम करने के लिए पिछले कुछ वर्षों से बूंद बूंद सिंचाई समेत दूसरे विधियों को प्रोत्साहित करने की कवायद चल रही है |

उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत उडान विभाग द्वारा भी दिया जा रहा है जिसमें राज्य और केंद्र सरकार मिलकर निर्धारित दर पर 67% व 56% अनुदान दिया जाना है इसके लिए पूरे प्रदेश में बजट है परंतु कमोबेश हर जगह लाभार्थियों की कमी है|उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ‘राज्य में लागू कर दिया है। इस योजना के लागू होने से सिंचाई के लिए पानी की किल्लत से जूझ रहे किसानों को राहत मिलेगा।  लघु सिंचाई, भूगर्भ जल, पशुधन एवं पंचायतीराज मंत्री राज किशोर सिंह ने बताया कि  अतिदोहित या क्रिटिकल विकास खंडों में तालाबों के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना  के अन्तर्गत निर्देश दिए गए हैं।

 उत्तर प्रदेश कृषि सिंचाई योजना

उत्तर प्रदेश कृषि सिंचाई योजना ‘ श्रीमती रेणुका कुमार, प्रमुख सचिव,लघु सिंचाई एवं भूगर्भ जल विभाग की निगरानी में चल रहा है। इसके अलावा सिंचाई की पानी की किल्लत को दूर करने के लिए इंटीग्रेटेड पॉन्ड डेवलपमेंट मैनेजमेंट की योजना को मूर्त रूप शासनादेश 04 जुलाई, 2016 द्वारा दिया जा रहा है।    उत्तर प्रदेश कृषि सिंचाई योजना ‘–अदर इंटरवेंशन के अंतर्गत वाटर कंजर्वेशन, ग्राउंड वाटर रिचार्ज, ड्रॉट प्रूफिंग मेजर्स के के अन्तर्गत कार्यों को किया जायेगा, जिसमें 60 प्रतिशत अंश भारत सरकार का एवं 40 प्रतिशत अंश राज्य सरकार का होगा।  

पानी की हर बूंद बहुमूल्य है। मेरी सरकार जल संरक्षण को उच्च प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्राथमिकता आधारपर काफी समय से लम्बित पड़ी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करेगी और हर खेत को पानी के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ की शुरुआत करेगी। जहाँ कहीं संभव हो वहाँ नदियों को जोड़ने सहित सभी विकल्पों पर गम्भीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है ताकि बाढ़ और सूखे को रोकने के लिए हमारे जल संसाधनों का बेहतरीन इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा सके। जल संचय और जल सिंचन के माध्यम से वर्षा जल के दोहन से हम जल संरक्षण करेंगे और भूमिगत जल स्तर बढ़ाएंगे। प्रति बूंद-अधिक फसल’ को सुनिश्चित करने के लिए सूक्ष्म सिंचाई को लोकप्रिय बनाया जाएगा |

उत्तर प्रदेश कृषि सिंचाई योजना मुख्य उद्देश्य

  •  फील्ड स्तर पर सिंचाई में निवेश का अभिसरण प्रदान करना (जिला स्तर पर तैयारी, यदि आवश्यक हो तो उप-जिला स्तर जल उपयोग योजनाएं)
  •  खेत में जल की पहुँच को बढ़ाना और सुनिश्चित सिंचाई (हर खेत को पानी) के तहत कृषि  भूमि को बढाना
  •  उचित प्रौद्योगिकियों  और पद्धतियों  के माध्यम से जल के बेहतर उपयोग के लिए जल संसाधन का समेकन, वितरण और इसका दक्ष उपयोग
  •  अवधि और सीमा में अपशिष्ट घटाने और उपलब्धता वृद्धि  के लिए ऑन फार्म जल उपयोग क्षमता का सुधार
  • परिशुद्ध सिंचाई और अन्य जल बचत प्रौद्योगिकियों  (अधिक फसल प्रति बूंद) के अपनाने में वृद्धि  करना
  • जलभूत भराव में वृधि और सतत जल संरक्षण पद्धतियों की शुरूआत करना
  • मृदा और जल संरक्षण, भूजल के पुनर्भराव, प्रवाह बढ़ाना, आजीविका विकल्प प्रदान करना और अन्य एनआरएम गतिविधियों की ओर पन्नधारा दृष्टिकोण का उपयोग करते हुए वर्षा सिंचित क्षेत्रों के समेकित विकास को सुनिश्चित करना ।
  • जल संचयन, जल प्रबंधन और किसानों के लिए फसल संयोजन तथा जमीनी स्तर के क्षेत्र कर्मियों से संबंधित विस्तार गतिविधियों को प्रोत्साहित करना ।
  •  पेरी शहरी कृषि के लिए उपचारित नगरपालिका अपशिष्ट जल के पुनरुपयोग की व्यवहार्यता खोजना
  •  सिंचाई में महत्वपूर्ण निजी निवेश को आकर्षित करना यह अवधि में कृषि उत्पादन और उत्पादकता बढ़ायेगा और फार्म आय में वृद्धि  करेगा ।

उत्तर प्रदेश कृषि सिंचाई योजना pmksy  पात्रता

वृद्धिमान बजट के अलावा, पीएमकेएसवाई गतिशील वार्षिक निधि आबंटन प्रणाली अपनाया जायेगा जो पीएमकेएसवाई निधियों के प्राप्ति के लिए योग्य बनने हेतु सिंचाई क्षेत्रों को अधिक निधियों के आबंटन को राज्यों को आदेश देगा। इस प्रायोजन के लिए –

1)  राज्य पीएमकेएसवाई निधि प्राप्ति के लिए योग्य केवल तब होगा जब वह आरंभिक वर्ष के अलावा और विचाराधीन वर्ष में कृषि क्षेत्र के लिए जल संसाधन विकास में व्यय आधार रेखा व्यय से कम न हो और उसने जिला सिंचाई योजना (डीआईपी) और राज्य सिंचाई योजना (एसआईपी) तैयार करी हों। विचाराधीन वर्ष के पहले के तीन वर्ष में राज्य योजना में राज्य विभाग पर ध्यान दिये बिना सिंचाई क्षेत्र में व्यय की औसत आधारी व्यय होगा (अर्थात राज्य योजना स्कीमों से जल स्रोत, वितरण, प्रबंधन, और अनुप्रयोग का सूजन)।

2)  राज्यों को सिंचाई प्रयोजन के लिए जल और विद्युत  पर शुल्क लगाने के लिए अतिरिक्त महत्व दिया जायेगा ताकि कार्यक्रम की सततता को सुनिश्चित किया जा सके।

3)  पीकेएमएसवाई निधि का अंतर राज्य आबंटन (i) मरूभूमि विकास कार्यक्रम (डीडीपी) और सूखा प्रवण क्षेत्र विकास कार्यक्रम (डीपीएपी) के तहत वर्गीकृत क्षेत्रों के प्रमुखता सहित राष्ट्रीय औसत की तुलना में राज्य में अवसिंचित क्षेत्र की प्रतिशत का अंश और (ii) पिछले वर्ष के पहले के तीन वर्ष से पहले राज्य योजना व्यय में कृषि क्षेत्र के लिए जल संसाधन के विकास पर व्यय के प्रतिशत अंश में वृदधि (iv) राज्य में सिंचाई क्षमता सुधार के आधार पर निश्चित किया जायेगा।

उत्तर प्रदेश कृषि सिंचाई योजना ऑनलाइन आवेदन

इस योजना में ऑनलाइन आवेदन करने के लिए इस वेबसाइट पर क्लिक करें 

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20 thoughts on “उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना|up krishi sinchai yojana in hindi

  1. Sir hamne July 2019 ko sichaci hatu nal kup lagvane ke liye samanya yojana se avedan kiya tha
    परन्तु अभी तक हमारा नंबर आया है सर ये कब तक आनर की उम्मीद
    आवेदक यूपी हापुड़ से

  2. sirखेती की सिचाईहेतु समरसेबल पंप हेतु3हरष पावर का कनेक्शन चाहिए कैसे मिलेगा

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