Rajasthan Gramin Paryatan Yojana:जानिए शर्ते और लाभ एवं विशेषताएं 

Rajasthan Gramin Paryatan Yojana 2023|Rajasthan Gramin Paryatan Scheme|राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना|राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना 2023:राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना-2023 का अनुमोदन किया है। इसके साथ ही राजस्थान कंप्यूटर राज्य एवं अधीनस्थ सेवा नियम, 1992 में संशोधन, राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास समिति का गठन करने जैसे कई अहम फैसले लिए हैं।मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। इसमें राज्य कार्मिकों को पदोन्नति के अधिक अवसर देने, राजस्थान के पर्यटन को बढ़ावा देने, राजस्थान सिविल सेवा (भूतपूर्व सैनिकों का आमेलन) नियम में संशोधन, राजस्थान बेघर उत्थान और पुनर्वास नीति के प्रस्ताव पर अनुमोदन सहित कई अहम निर्णय लिए गए हैं।

राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना-2023 का अनुमोदन किया है। बजट घोषणा वर्ष 2022-23 की पालना में तैयार योजना से ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित की जाने वाली पर्यटन इकाईयों और ग्रामीण गेस्ट हाउस, कृषि पर्यटन इकाई, कैम्पिंग साइट, कैरावेन पार्क की स्थापना से गांवों में रोजगार सृजित होंगे और ग्रामीण हस्तशिल्प को संरक्षण मिलेगा। वहीं देशी-विदेशी पर्यटक राजस्थान की ग्रामीण संस्कृति से रूबरू हो सकेंगे।

Rajasthan Gramin Paryatan Yojana

राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना 2023 के अंतर्गत ग्रामीण पर्यटन इकाईयों की स्थापना व संचालन के प्रावधानों में, इकाईयां 15 फीट चौड़ी सड़क पर न्यूनतम 1000 वर्गमीटर और अधिकतम 2 हैक्टेयर कृषि भूमि पर अनुमत होंगी। इन इकाईयों को भू-संपरिवर्तन एवं बिल्डिंग प्लान अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी। इनमें स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत की छूट सहित कई प्रावधान किए गए हैं।

राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना लागू कर दी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में गेस्ट हाउस, कृषि पर्यटन इकाई, कैंपिंग साइट, कैरा वैन पार्क इत्यादि की स्थापना से रोजगार सृजित होंगे। देश-विदेश के पर्यटक राजस्थान की ग्रामीण संस्कृति से रूबरू हो सकेंगे। योजना के तहत राज्य सरकार की ओर से गांवों के जीवन, कला संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित करने वाली पर्यटन इकाइयों को बढ़ावा दिया जाएगा। योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन इकाइयां स्थापित होने से स्थानीय लोक कला को प्रोत्साहन और हस्तशिल्प का संरक्षण होगा। इससे ग्रामीण इलाकों में स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकेंगे।

Rajasthan Gramin Paryatan Scheme

नामग्रामीण पर्यटन प्रोत्साहन योजना
कहाँ लांच हुईराजस्थान
कब लांच हुईसितम्बर 2022
विभागपर्यटन विभाग
आधिकारिक साईटअभी नहीं
हेल्पलाइन नंबरअभी नहीं

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राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना 2023

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पिछले राज्य बजट में राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना की घोषणा की थी। कलेक्टर रुक्मणि रियार की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक में यह जानकारी बीकानेर से आए पर्यटन विभाग के उपनिदेशक अनिल राठौड़ ने दी। इससे पहले राठौड़ ने जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने को लेकर पर्यटन विभाग की ओर से 2 करोड़ 83 लाख की लागत से जिले के 9 प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर किए जाने वाले कार्यों की विस्तृत जानकारी जिला कलेक्टर को दी। कलेक्टर ने एसीईओ को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत के माध्यम से होने वाले कार्यों की गुणवत्ता चेक कर लें और मार्च से पूर्व सभी कार्य पूर्ण करवाएं।

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राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना प्रमुख बिंदु 

ग्रामीण गेस्ट हाउस- ग्रामीण क्षेत्रों में गेस्ट हाउस पंजीकृत किए जाएंगे। इनमें 6 से 10 कमरे होंगे। ये कमरे पर्यटकों के ठहरने के लिए किराए पर उपलब्ध होंगे। गेस्ट हाउस में पर्यटकों के भोजन की व्यवस्था भी होगी।

2. कृषि पर्यटन इकाई- कृषि भूमि पर अनुमोदित पर्यटन इकाई न्यूनतम 2 हजार वर्गमीटर एवं अधिकतम 2 हैक्टेयर पर स्थापित होगी। इसके 90 प्रतिशत हिस्से में कृषि और बागवानी कार्य, ऊंट फार्म, घोड़ा फार्म, पक्षी एवं पशुधन, फसल बोने के लिए, हस्तशिल्प, बगीचे आदि गतिविधियां पर्यटकों को ग्रामीण परिवेश उपलब्ध करवाया जाएगा।

3. कैंपिंग साइट- कृषि भूमि पर न्यूनतम 1 हजार वर्गमीटर एवं अधिकतम एक हैक्टेयर पर कैंपिंग साइट स्थापित हो सकेगी। इसके 10 प्रतिशत हिस्से पर टैंट में अस्थाई आवास की व्यवस्था होगी। शेष हिस्से में ऊंट फार्म, घोड़ा फार्म, पशुधन,बगीचे आदि गतिविधियां होगी।

4. कैरा वैन पार्क- कृषि भूमि पर न्यूनतम 1 हजार वर्ग मीटर एवं अधिकतम 1 हैक्टेयर पर कैरा वैन पार्क स्थापित हो सकेगा। इस पर अतिथियों के वाहन पार्क किए जाने के बुनियादी सुविधाओं का विकास होगा।

5. होम स्टे (पेइंग गेस्ट हाउस)- पर्यटन विभाग की ओर से पूर्व में जारी होम स्टे (पेईंग गेस्ट हाउस) स्कीम ग्रामीण क्षेत्र में भी लागू है। इसके तहत आवास मालिक की ओर से स्वयं के आवास में पर्यटकों को पांच कमरों तक आवास सुविधा उपलब्ध होगी।

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राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना के तहत ग्रामीण पर्यटन इकाइयों को देय लाभ-

  • स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। आरंभ में 25 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी देय होगी, पर्यटन इकाई शुरू होने का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर पुनर्भरण किया जाएगा।
  • देय एवं जमा एसजीएसटी का 10 वर्षों तक 100 प्रतिशत पुनर्भरण किया जाएगा।
  • ‘मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना’ के तहत 25 लाख रुपए तक के ऋण पर 8 प्रतिशत के स्थान पर 9 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा।
  • ग्रामीण पर्यटन इकाइयों को भू-संपरिवर्तन एवं बिल्डिंग प्लान अनुमोदन की ज़रूरत नहीं होगी।
  • वन विभाग के अधीन क्षेत्र में ग्रामीण पर्यटन का प्रोत्साहन राज्य इको टूरिज्म पॉलिसी, 2021 के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।
  • स्थानीय लोक कलाकारों एवं हस्तशिल्पियों तथा ग्रामीण स्टार्टअप को अनुमोदन एवं देय लाभों में प्राथमिकता दी जाएगी।

राजस्थान में नई पर्यटन नीति कब लागू की गई?

इस मिशन से राज्य में पर्यटन विकास के एक नये युग का प्रारंभ हुआ । पर्यटन विकास को योजनाबद्ध एवं संकेन्द्रित रूप से विकसित करने के लिए राज्य द्वारा वर्ष 2001 में ‘राजस्थान पर्यटन नीति’ की घोषणा भी की गई। पूरे देश में राजस्थान इस प्रकार की नीति की घोषणा करने वाले अग्रणी राज्यों में से एक था।

राजस्थान की नवीनतम पर्यटन नीति कौन सी है?

पर्यटन इकाइयों की स्थापना के लिए अनुमति प्रदान करने हेतु पर्यटन विभाग को उपयुक्त प्रशासनिक संरचना से सशक्त करना ।
बेहतर नीति निर्माण एवं पूर्वानुमान हेतु बाजार अनुसंधान एवं सांख्यिकी ग्रिड डवलपमेंट फ्रेमवर्क को विकसित करना ।

राजस्थान का पर्यटन लोगो क्या है?

सत्ता परिवर्तन के साथ अब राजस्थान पयर्टन विभाग का लोगो भी बदल गया है। वसुंधरा सरकार के समय बदले गए लोगो ‘न जाने क्या दिख जाए’ की जगह फिर से ‘पधारो म्हारे देस‘ कर दिया गया है।पर्यटन विभाग ने इसका आदेश जारी कर दिया है।

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