राजस्थान सरकार मुफ़्त न्याय योजना|सरकार मुफ़्त न्याय योजना राजस्थान|

राजस्थान के प्यारे देशवासियों राजस्थान के मुख्यमंत्री  ने मुफ्त न्याय योजना की शुरुआत की है| राजस्थान एक कृषि प्रधान राज्य है और आप जानते ही होंगे आज के समय में जमीन के लिए मुकदमा होते रहते हैं और गरीब किसान भाइयों को हजारों रुपए का कर्ज उठाकर मुकदमों के लिए देने पड़ते हैं| लेकिन अब इस योजना से राजस्थान सरकार मुफ्त न्याय योजना चला रही है|प्रदेश के किसानों एवं ग्रामीण के अपने-अपने अधिकारी अधिकार तथा उत्तराधिकार के झगड़ा और विवादों से भविष्य न्यायालय में बरसों से चल रहे मुकदमे की आम जन हो रही है समय और पैसे की बर्बादी से छुटकारा दिलाने के लिए इस योजना को चलाया गया है|

राजस्व लोक अदालतों के ज़रिये लाखों लम्बित राजस्व मामलों का निपटारा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर किये जाने से आम व्यक्ति को राहत मिली है। न्याय आपके द्वार अभियान के अन्तर्गत राजस्थान काश्तकार अधिनियम के तहत दायर मुकदमों के अन्तर्गत लम्बित अपीलों, लम्बित राजस्व वादों, विभाजन, गैर खातेदारी से खातेदारी राजस्व अभिलेखों में लिपिकीय त्रुटियों का शुद्धिकरण, नए राजस्व ग्रामों के लिए नॉर्म्स के अनुसार प्रस्ताव तैयार करना, ग्राम पंचायत की राजस्व सम्बन्धी शिकायतों का चिन्हीकरण, सम्बन्धी कार्य अभियान के दौरान निपटाये गये

राजस्थान सरकार मुफ़्त न्याय

इन शिविरों की विशेषता थी कि इनमें तहसीलदार, पटवारी, सरपंच व भू-प्रबंधन से जुड़े लोग एक ही जगह मौजूद हैं। जिससे किसी भी स्तर पर आवश्यक दस्तावेज शिविर में ही उपलब्ध हो जाते हैं। हर चरण की सुनवाई भी वहीं हो जाती है।

राजस्व लोक अदालतों के ज़रिये लाखों लम्बित राजस्व मामलों का निपटारा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर किये जाने से आम व्यक्ति को राहत मिली है। न्याय आपके द्वार अभियान के अन्तर्गत राजस्थान काश्तकार अधिनियम के तहत दायर मुकदमों के अन्तर्गत लम्बित अपीलों, लम्बित राजस्व वादों, विभाजन, गैर खातेदारी से खातेदारी राजस्व अभिलेखों में लिपिकीय त्रुटियों का शुद्धिकरण, नए राजस्व ग्रामों के लिए नॉर्म्स के अनुसार प्रस्ताव तैयार करना, ग्राम पंचायत की राजस्व सम्बन्धी शिकायतों का चिन्हीकरण, सम्बन्धी कार्य अभियान के दौरान निपटाये गये ।

राजस्थान सरकार मुफ़्त न्याय योजना का लाभ

  • लोक अदालत के निर्णय को दीवानी अदालत की डिग्री माना जाता है।
  • लोक अदालत का निर्णय अंतिम होता है, जिसे दोनों पक्षों को मानना होता है।
  • लोक अदातल के फ़ैसले की अपील नहीं होती है।
  • लोक अदालत में मुकदमेंबाजी के पहले का विवाद भी सुलझाया जा सकता है।
  • प्रकरण की कोर्ट फ़ीस वापस और अपील की ज़रूरत भी नहीं।
  • वादी के ज़रिये विवाद को सादे काग़ज पर ही पेश किया जा सकता है।
  • इस प्रणाली में विवाद का समाधान कम ट्रायल से किया जाता है।

राजस्थान सरकार मुफ़्त न्याय योजना सफलतापूर्वक निस्तारण

इस अभियान से लोकतांत्रिक शासन प्रणाली के महत्त्वपूर्ण अंग न्यायपालिका के प्रति लोगों का नजरिया बदला है। इससे कम समय में न्याय मिलने की उम्मीद को भी मजबूती मिली है। जहां पीढ़ियों से चले आ रहे राजस्व मामलों ने परिवारों में खटास पैदा कर दी थी, राज्य सरकार के इस अभियान ने लाखों परिवारों को आपसी समझाइश कर न्याय दिलवाया, उनके जीवन में खुशहाली लौटा दी एवं सामाजिक सौहार्द का पैगाम भी दिया है।पिछले दो वर्षों में कुल 69.89 लाख राजस्व प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर लाखों लोगों को राहत प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए घोषणा भी की थी कि जिस जिले में सर्वाधिक गांव राजस्व मामले से मुक्त होंगे उन्हें सरकार द्वारा अतिरिक्त सहायता दी जायेगी। ग्रामीण लोगों को न्याय दिला उनकी ज़िन्दगी को आरामदायक व बेहतर बनाने की राज्य सरकार की इस नेक पहल की सराहना देश भर में की गयी।

राजस्थान सरकार मुफ़्त न्याय योजना मिला न्याय

न्याय आपके द्वार शिविरों में बड़े स्तर पर राजस्व मामलों का निस्तारण हुआ। ज़मीन से जुड़े स्वामित्व, खातेदारी अधिकार, उत्तराधिकार के झगड़े, सीमाबंदी विवादों के लम्बित मामलों का समाधान इन शिविरों में हुआ। ना केवल कानूनी मुकदमों का समाधान हुआ बल्कि जमीन से जुड़े आपसी प्रकरणों का भी समझाइश द्वारा समाधान इन शिविरों में किया गया। न्याय आपके द्वार का तीसरा चरण 30  जून 2017 को सम्पन्न हो चुका है।

दोस्तों राजस्थान सरकार मुफ़्त न्याय योजना किस प्रकार कि  लगी आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं  इससे संबंधित प्रश्न पूछ सकते हैं हम आपके प्रश्नों का जवाब जरुर देंगे आप हमारे फेसबुक पेज को लाइक और शेयर कर सकते हैं|

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