वन नेशन वन कार्ड योजना 2020|one nation one card scheme

pradhan mantri yojana

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प्यारे दोस्तों आज हम अपने इस आर्टिकल में वन नेशन 1 कार्ड योजना की जानकारी देने जा रही हैं| हम आपको बताएंगे कि आप किस प्रकार एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना (one nation one card yojana) का लाभ उठा सकते हैं|केंद्रीय उपभोक्‍ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने 30 जून, 2020 तक पूरे देश में ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ (One nation-one ration card) योजना लागू करने की घोषणा की है।ओने नेशन ओने राशन कार्ड स्कीम को लागू हो जाने के बाद पूरे देश में एक ही तरह का राशन कार्ड होगा. वर्तमान में, यह योजना 01 जनवरी 2020 से देश भर के 12 राज्यों में चालू है|

अब इस योजना के तहत देश के किसी भी राज्य का राशन कार्डधारक किसी अन्य राज्य में भी राशन की दुकानों से सस्ती कीमतों में चावल और गेहूं खरीद सकेगा।केंद्रीय मंत्री के इस घोषणा से किसी भी राज्य का राशन कार्डधारक किसी भी अन्य राज्य में राशन की दुकानों से सस्ती कीमतों में चावल एवं गेहूं खरीद सकेगा| इस योजना से सरकार को उम्मीद है कि इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगा|

वन नेशन वन राशन कार्ड क्या है|one nation one card scheme

केंद्र सरकार ने राशन कार्ड हेतु एक मानक प्रारूप तैयार किया है. जिसे ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना’ का नाम दिया गया है| इस योजना के अंतर्गत देश में रहने वाली किसी भी नागरिक का एक ही राशन कार्ड होगा तथा साथ ही वो कही भी रह रहा होगा उसे वहीं पर राशन उपलब्ध होगा|बल्कि रोजगार या अन्य वजहों से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने वाले गरीबों को सब्सिडी वाले राशन से वंचित नहीं होना पड़ेगा। 

एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना मुख्य उद्देश्य

  • सभी राशन कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ने और पॉइंट ऑफ सेल (Point of Sale, PoS) मशीन के माध्‍यम से खाद्यान्‍न वितरण की व्‍यवस्‍था अपने अंतिम चरण में है।
  • वर्तमान में आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्‍ट्र, राजस्‍थान, तेलंगाना और त्रिपुरा ऐसे 10 राज्‍य हैं, जहाँ खाद्यान्‍न वितरण का 100 प्रतिशत कार्य PoS मशीनों के ज़रिये हो रहा है।
  • साथ ही इन राज्‍यों में सार्वजनिक वितरण की सभी दुकानों को इंटरनेट से जोड़ा जा चुका है। इन राज्‍यों में लाभार्थी सार्वजनिक वितरण की किसी भी दुकान से अनाज प्राप्‍त कर सकते हैं ।
  • संभवतः 15 अगस्‍त, 2019 से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना, गुजरात एवं महाराष्‍ट्र राज्‍यों के लाभार्थी दोनों राज्‍यों में स्थि‍त किसी भी दुकान से अनाज प्राप्‍त कर सकेंगे।
  • सभी सार्वजनिक वितरण प्रणालियों को डिपो ऑनलाइन प्रणाली (DOS) के साथ जोड़ा जा रहा है, ताकि राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभों को लोगों तक पहुँचाने में कोई अवरोध न हो।
  • पॉइंट ऑफ सेल/बिक्री का एक बिंदु (PoS) वह स्थान है, जहाँ ग्राहक द्वारा वस्तुओं या सेवाओं हेतु भुगतान किया जाता है। यहाँ पर बिक्री कर भी देय हो सकते हैं।
  • यह कोई बाह्य स्टोर हो सकता है जहाँ पर भुगतान के लिये कार्ड पेमेंट या वर्चुअल सेल्स पॉइंट, जैसे- कंप्यूटर या मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग किया जाता है।
  • FCI के संचालन के प्रबंधन हेतु डिपो/गोदाम है जिसमें अनाजों का भंडारण किया जाता है।
  • डिपो ऑनलाइन प्रणाली का मुख्य उद्देश्य भारत में खाद्य वितरण आपूर्ति शृंखला को परिवर्तन के लिये ‘डिजिटल इंडिया’ की दृष्टि से संरेखित करना है।

 

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