महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कृषि संजीवनी योजना |maharashtra mukhyamantri krishi sanjivani yojana

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महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कृषि संजीवनी योजना|मुख्यमंत्री कृषि संजीवनी योजना|मुख्यमंत्री कृषि संजीवनी योजना महाराष्ट्र|महाराष्ट्र कृषि संजीवनी योजना

महाराष्ट्र मुख्यमंत्री राज्य सरकार ने बिजली का बिल नहीं भर पाने वाले किसानों को राहत देने के लिए ‘महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कृषि संजीवनी योजना 2019 की शुरुआत की है। इस योजना के तहत 41 लाख किसानों का जुर्माना और ब्याज के तौर पर 8164 करोड़ रुपये बिजली विभाग माफ करेगी। किसानों पर 19272 करोड़ रुपये का बिजली का बिल बकाया था।

ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने ‘मुख्यमंत्री कृषि संजीवनी योजना 2019’ की घोषणा मंगलवार को की। राज्य सरकार ने महाराष्ट्र में सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में बिजली का बिल नहीं भर पाने वाले किसानों को राहत देने के इरादे से इस योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत वर्ष 2018 से जो किसान बिजली का बिल भरने में असमर्थ थे उन्हें यह राहत दी जायेगी। इसलिए सभी ग्राहकों और किसानों को अपना वर्तमान बिजली का बिल भरना होगा।

उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्ष में बिजली विभाग ने किसानों का बिजली कनेक्शन नहीं काटा है लेकिन कंपनियों को भी कार्य करने के लिए यदि इतनी बड़ी रकम नहीं मिले तो उनके लिए भी बिजली खरीद कर सस्ते दर में उपलब्ध कराना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों का बिल 30 हजार रुपये के नीचे है वे दिसंबर 2017 से दिसंबर 2019 के बीच पांच किश्तों में बिजली का बिल भर सकते हैं। सभी किसान इस प्रक्रिया के तहत अपना बिल भर सकते हैं। इसकी पहली किश्त दिसंबर 2017 से शुरू होगी

महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कृषि संजीवनी योजना

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राज्य के ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बिजली बिल बकायादार कृषि पंप धारक किसानों के लिए ‘मुख्यमंत्री कृषि संजीवनी योजना-2019 की घोषणा की है। इस योजना के तहत जुर्माना और ब्याज की रकम छोड़कर सिर्फ मूल रकम को पांच समान किस्तों में जमा कर सकेंगे।

बावनकुले के अनुसार, 30 हजार रुपये से कम के बकायेदार किसानों को भुगतान के लिए पांच समान किस्तों में और 30 हजार से अधिक के बकायेदार किसानों को 10 समान किस्तों में रकम जमा करनी होगी। योजना में शामिल होने के लिए मौजूदा बिल नवंबर ’17 तक भरकर मूल बकाया राशि की 20 प्रतिशत की पहली किस्त जमा करानी होगी। इसके बाद मार्च ’18 से दिसम्बर ’18 तक हर तीन महीने पर 20 प्रतिशत की दर से पूरी बकाया राशि महावितरण के पास जमा करनी होगी। इस योजना में शामिल नहीं होने वाले बकायादार किसानों की बिजली काट दी

महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कृषि संजीवनी योजना41 लाख कृषि ग्राहक 

महाराष्ट्र में करीब 41 लाख कृषि ग्राहक हैं जिनका कनेक्शन भार 2 करोड़ 12 लाख अश्वशक्ति है। इनमें से 25.41 लाख ग्राहकों को मीटर द्वारा तथा 15.41 लाख किसानों को बिजली कनेक्शन अश्वशक्ति के आधार पर दिए जाएंगे। कृषि के लिए प्रत्येक कनेक्शन पर करीब 1.16 लाख का खर्च आता है। महावितरण द्वारा अपने पास सिक्यूरिटी के तौर पर 3 हजार से लेकर साढ़े सात हजार रुपये लेकर कनेक्शन प्रदान किया जाता है। कनेक्शन के लिए आने वाला 1.16 लाख का खर्च सरकार की ओर से अनुदान के रूप में या महावितरण द्वारा कर्ज लेकर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध की जाती हैं। बिजली नियामक आयोग ने वित्त वर्ष 2016-17 के लिए रुपये 6.50 प्रति यूनिट के हिसाब से दर तय की थी। किसानों के लिए यह दर रुपये 3.40 प्रति यूनिट दर तय की गई। शेष 3.10 रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी के माध्यम से औद्योगिक, वाणिज्यिक व अन्य ग्राहकों से प्राप्त किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त कृषि ग्राहकों के लिए सरकार के माध्यम से 1.60 रुपये छूट देकर कृषि ग्राहकों से केवल 1.80 रुपये प्रति यूनिट बिजली बिल लिया जाता है।

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