दोस्तों आज हम अपने इस आर्टिकल में लॉक डाउन क्या है इसकी संपूर्ण जानकारी लेकर आए हैं| जैसा कि आप जानते हैं करोना वायरस एक खतरनाक वायरस है| इसके चलते सरकार ने लॉक डाउन घोषणा की है|संक्रमण को रोकने के लिए जब तक बेहद जरूरी न हो, तब तक सार्वजनिक स्थलों पर आने जाने से बचना बेहद जरूरी है। सरकारी एडवाइजरी के अलावा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की अपील में भी यही आग्रह किया जा रहा है।कोरोना (coronavirus) से जंग लड़ रहा देश अब जान के साथ जहान को भी बचाने के लिए जुटेगा। पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi’s top announcement on lockdown) ने लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने का ऐलान किया है, लेकिन कुछ इलाकों में लॉकडाउन हटाने का रास्ता भी दिखाया है।

लेकिन लॉक डाउन का यह अर्थ कतई नहीं है कि प्रदेश या जिलों की सीमाएं सील हैं। यदि किसी गम्भीर मरीज को दिखाना हो या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो तो ऐसे अत्यंत जरूरी कामों के लिए घर से बाहर निकला जा सकता है।लिहाजा स्थिति को देखते हुए कई राज्यों की सरकारों ने पूरी तरह से लॉक डाउन का ऐलान किया है|

लोक डाउन 2.0 क्या  है|What Is lock down 2.0

देश में सभी की निगाहें इस कल पर टिकी है. लॉकडाउन की कल आखिरी तारीख है तो ऐसे में लोगों की उत्सुकता भी बढ़ गई है. लोगों के मन में कई सवाल उठने लगे हैं. इन्हीं सवालों के बीच सबसे बड़ी खबर ये है कि कल सुबह 10 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को एक बार फिर संबोधित करेंगे. ऐसा माना जा रहा है कि पीएम मोदी कल लॉकडाउन की मियाद बढ़ा सकते हैं. 30 अप्रैल तक लॉकडाउन फेज-2 किया जा सकता है.तो क्या देश में लागू होगा लॉकडाउन 2.0? कल क्या घोषणा कर सकते हैं|

लॉक डाउन 2.0

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने लॉकडाउन के दूसरे चरण (Lockdown 2.0) की बात करते हुए 3L फॉर्मूला सुझाया है, जो दरअसल पीएम मोदी का जान भी, जहान भी मॉडल है। यानी एक बात तो तय है कि अगले चरण के लॉकडाउन में अभी के मुकाबले कहीं बहुत अधिक सख्ती होगी, तो कहीं पर ढील मिलेगी।मंत्रालय ने प्रधानमंत्री को सिफारिश भेजी है कि 30 फीसदी स्टाफ के साथ कई उद्योगों में काम शुरू किया जा सकता है।

लॉक डाउन 2.0 शर्त

पीएम मोदी ने देश में लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ाने का ऐलान किया है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ चुने गए इलाकों में 20 अप्रैल से ढील दी जाएगी। इसके लिए उन्होंने कुछ शर्तें रखी हैं। उन्होंने कहा, ’20 अप्रैल तक हर जिले, कस्बे, राज्य को बारीकी से परखा जाएगा। वहां लॉकडाउन का कितना पालन किया गया है, उसने कोरोना से खुद को कितना बचाया है, उसका मूल्याकंन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जो इस अग्निपरीक्षा में सफल होंगे, जो अपने यहां हॉटस्पॉट नहीं बढ़ने देंगे और जिनके हॉटस्पॉट में बदलने की आशंका भी कम होगी, वहां 20 अप्रैल से कुछ जरूरी गतिविधियों कि अनुमति और छूटछाट दी जाएगी।

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना को रोकने वाले जिन इलाकों में छूट की इजाजत दी जाएगी, वहां कुछ शर्तें भी लगेंगी। इन इलाकों में बाहर निकलने के नियम बहुत सख्त किए जाएंगे।

पीएम ने कहा कि अगर कोरोना का पैर छूट वाले इलाके में दोबारा पड़ता है, तो सारी अनुमति वापस से ली जाएगी। उन्होंने 20 अप्रैल से छूट के दायरे में आने वाले इलाके से लोगों से कहा कि इस दौरान न कोई लापरवाही करनी है, न कोई लापरवाही करने देनी है।

पीएम ने कहा कि मंगलवार को सरकार इस बारे में जरूरी गाइडलाइन जारी करेगी। उन्होने कहा, ’20 अप्रैल में इस सीमित छूट का प्रावधान गरीबों को हो रही दिक्कतों के मद्देनजर किया गया है। मोदी ने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता उनके जीवन में आई मुश्किल को कम करना है। मोदी ने बताया कि नई गाइडलाइंस बनाते हुए इसका पूरा ध्यान रखा गया है। रवि की फसलों की कटाई के मद्देनजर राज्य और केंद्र सरकार उन्हें कम से कम दिक्कत की योजना बना रही है।

सब्जी-दूध की दुकानें खुलेंगी?
बिल्कुल खुलेंगी। दूध, सब्जी, किराना और दवाओं की दुकान लॉक डाउन के दायरे से बाहर हैं। मगर इन दुकानों पर बेवजह भीड़ लगाने से बचना जरूरी है।

एटीएम-पेट्रोल पंप खुलेंगे?
जी हां, पेट्रोल पंप और एटीएम को राज्य सरकार ने आवश्यक सेवाओं के श्रेणी में रखा है। ये खुले रहेंगे। इन्हें लॉक डाउन के दायरे से बाहर रखा गया है।

निजी वाहन का उपयोग होगा?
जी हां, निजी वाहनों का संचालन जारी रहेगा, लेकिन संक्रमण से बचने के लिए खुले वाहनों जैसे बाइक आदि की जगह निजी कार आदि का प्रयोग करें।

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