भारत एक कृषि प्रधान देश कहा जाता है और यह एक ऐसा देश हैं जहाँ बहुत से लोग खेती बाड़ी के लिए जमीन खरीदना चाहते हैं! एक कृषि योग्य भूमि खरीदना शहर में कोई जमीन खरीदने से ज्यादा सस्ता सौदा है और कुछ समय बाद बेचने पर इस कृषि भूमि की कीमत भी अन्य भूमि से अधिक हो जाती है! एक खेती योग्य भूमि खरीदने के लिए आपका किसान होना जरुरी है, भारत में लगभग सभी राज्यों के कानूनों में यह प्रावधान है कि खेती के लिए भूमि सिर्फ किसानों को दी जाए!

तो जानते हैं कैसे भारत में खेती के लिए जमीन खरीदी जा सकती है! सबसे पहले आपका किसान होना आवश्यक है, क्योंकि किसानों की सुरक्षा के लिए सभी राज्यों ने इस प्रावधान को अपने कानूनों में जोड़ा है कि सिर्फ किसान को ही खेती के लिए जमीन दी जाए! लेकिन अगर आप किसान नहीं हैं तो आप २ तरह से कृषि योग्य भूमि को खरीद सकते हैं! आपको यह दिखाना होगा कि आपके पिता या दादा किसान थे! यह संभव नहीं है अगर वे किसान ना रहे हों तो!

दूसरा तरीका है यह दिखाना कि आपके पास पहले से ही कुछ कृषि योग्य भूमि है, आप एक उपजाऊ कृषि योग्य जमीन को किसी आवासीय योजना में नहीं बदल सकते! सिर्फ सूखे हुए खेत ही आवास के लिए उपलब्ध कराये जा सकते हैं! आप किसी गाँव में एक छोटा सा रेजिडेंशियल लैंड लेकर भी उस पते का उपयोग कर सकते हैं! इसके बाद आप उसी गाँव में कृषि योग्य भूमि खरीद सकते हैं!

जानिये क्या हैं: (Khasra Khatauni)खाता, खतौनी,खेवट, खसरा नम्बर 

एग्रीकल्चर लैंड कैसे खरीदें?

एक Agricultural land (कृषि योग्य भूमि) अच्छा रिटर्न देती है! अगर ये ऐसे एरिया में हो जहाँ सरकार किसी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की प्लानिंग कर रही हो तो इस जमीन का होना और भी लाभ का सौदा हो जाता है, क्यूंकि सरकार अपने कार्य के लिए किसानों से जमीन लेती है और ऐसे समय पर किसान उस जमीन का सौदा करके अच्छा मुनाफा कम सकते हैं! भारत में कृषि योग्य भूमि होना एक बड़ी बात मानी जाती है! किसी भी शहरी जमीन से अधिक कीमत एक एग्रीकल्चर लैंड की होती है, इस तरह आप एक खेती योग्य भूमि खरीदकर अधिक मुनाफा कमा सकते हैं! सरकार जमीन के लिए एक बड़ा अमाउंट देने के लिए तैयार रहती है क्योंकि ऐसी जमीनों पर सरकार अपनी योजनाओं से सम्बंधित कार्य करती है!  

एनआरआई (नॉन रेजिडेंशियल इंडियन्स), पीआइओ (पर्सन्स ऑफ़ इंडियन ओरिजिन), ओसीअई (ओवरसीज सिटीजन्स ऑफ़ इंडिया) और विदेशी नागरिको को भारत में किसी भी प्रकार की खेतिहर भूमि खरीदने की अनुमति नहीं है, इसके साथ ही वे बागनम फार्म हाउस आदि भी नहीं खरीद सकते हैं! इसीलिए किसी भी पात्र का सबसे पहले भारत के संविधान के तहत भारतीय नागरिक होना जरुरी है!

 

एग्रीकल्चर लैंड खरीदने के लिए उपयोगी दस्तावेज और प्रक्रिया (Documents and process)

कृषि योग्य जमीन खरीदने के लिए निम्न दस्तावेजों को देखें!

  • गांव की तालाती से 7/12 निकास का लाभ उठाया जा सकता है। (महाराष्ट्र)
  • फॉर्म संख्या 6 / उत्परिवर्तन निकालने / हक्का पेट्रा / फेर्फर
  • 8 / ए निकालें।
  • भूमि राजस्व कर रसीदें।
  • गांव मानचित्र और ब्लॉक योजना:
  • साजिश का आकार, आकार और आयाम।
  • मृदा परीक्षण
  • आरक्षण: जांच करें कि क्या कोई आरक्षण आवंटित नहीं किया गया है
  • कृषि भूमि छत: भूमि और सीमाओं की श्रेणियों की पुष्टि की जानी चाहिए। बीओडी, आदि जैसे सक्षम प्राधिकरणों से एनओसी प्राप्त किया जाना चाहिए। जमीन का आकार भूमि छत अधिनियम द्वारा उल्लिखित से कम होना चाहिए।
  • मूल शीर्षक कार्य।
  • कानूनी खोज रिपोर्ट और सार्वजनिक सूचना।
  • Encumbrances: (समेकन प्रमाणपत्र) सौदे को अंतिम रूप देने और दस्तावेज पंजीकृत होने से पहले संपत्ति के खिलाफ किसी भी निजी बंधक को सुलझाने की जरूरत है।
  • मुकदमा: जांच करें कि कोई मुकदमा मौजूद है या नहीं। यदि ऐसा होता है, तो शीर्षक (Title )पर इन मुकदमेबाजी के प्रभाव को जानें।
  • डीआईएलआर और सर्कल इंस्पेक्टर द्वारा भूमि की सीमा, सर्वेक्षण और सीमा की जांच की जानी चाहिए।
  • जमीन खरीदने से पहले सीमा और परिवार के विवादों को सुलझाने की जरूरत है।
  • बिक्री की अनुमति: इसे कृषि भूमि बेचने से पहले प्राप्त किया जाना है। अन्यथा बिक्री शून्य और शून्य हो सकती है।
  • आदिवासी से संबंधित कृषि भूमि: जांच करें कि भूमि आदिवासी से संबंधित है या नहीं। यदि भूमि आदिवासी से संबंधित है, तो इसे खरीदा नहीं जाना चाहिए।
  • किसानों से संबंधित कृषि भूमि: ऐसी भूमि खरीदी नहीं जानी चाहिए। ऐसी भूमि को खरीदा नहीं जाना चाहिए क्योंकि कलेक्टर ऐसी भूमि की खरीद की अनुमति नहीं देगा।
  • इनामी भूमि: ऐसी भूमि खरीदने की सलाह नहीं दी जाती है।
  • कृषि भूमि पर बने फार्महाउसों के लिए एनएम अनुमति की आवश्यकता है।
  • एक गैर किसान कलेक्टर से अनुमोदन के बिना कृषि भूमि नहीं खरीद सकता है।
  • बेचने के लिए समझौता
  • पावर ऑफ अटॉर्नी (पीओए)
  • वाहन का कार्य: इसे मुद्रित किया जाना चाहिए और कर्तव्य का भुगतान किया जाना चाहिए।
  • कार्य का पंजीकरण (Registration)

पात्रता मानदंडों की जांच करें: सबसे पहले यह जान लें कि क्या आप एग्रीकल्चर लैंड खरीदने की योग्यता रखते हैं या नहीं, क्योंकि अधिकतर राज्य सिर्फ खेतिहर किसानों को ही खेती योग्य भूमि देते हैं, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में इसकी बाध्यता नहीं है, आप अगएग्रीकल्चर लैड में इन्वेस्ट कर सकते हैं!

लैंड सीलिंग की जांच करें: भारत के अलग अलग राज्यों में अलग अलग तरह के कानून हैं, अधिकतम इसे खरीदने के लिए नियम बनाये गए हैं, जैसे तमिलनाडु में ५९.६९ एकड भूमि खरीदी जा सकती है! महाराष्ट्र में अधकतर ५४ एकड तक जमीन खरीद सकते हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश में ३२ एकड अधिकतम जमीन खरीदने के प्रावधान हैं, इस तरह यह याद रखें कि एग्रीकल्चर लैंड खरीदने के लिए भारत के अलग अलग राज्यों में अलग अलग नियम कायदे बनाये गए हैं!

जमीन को बदलना: एग्रीकल्चर लैंड को कभी भी आवास के रूप में उपयोग में नहीं लाया जा सकता है! इसके लिए उस जमीन को आवासीय जमीन में बदलने की आवश्यकता पड़ती है! भारत में उपजाऊ गीली जमीन का रेजिडेंशियल उपयोग के लिए बदलाव करने की अनुमति कानून नहीं देता है! लेकिन सूखी और बंजर जमीन को आवास के लिए उपयोग में लाया जा सकता है, इसे कानूनी तौर पर आवासीय जमीन में बदला भी जा सकता है! अलग लग राज्यों में इसके लिए अलग अलग प्रोसीजर होते हैं!

कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करें: सबसे पहले यह देख लें कि एग्रीकल्चर लैंड ट्रांसफर के लिए उपयुक्त है या नहीं, अगर जमीन लीज पर है तो यह ट्रान्सफर के लिए उपलब्ध नहीं हो सकती है, जमीन अगर सरकार द्वारा दी गयी है तो इसे बेचने के लिए विशेष अनुमति की आवश्यकता पड़ेगी! और यह जरुरी है कि बेचने वाले के पास जमीन के सारे अधिकार सुरक्षित हों!

अगर ऐसा है कि जमीन का अधिकार रखने वाला माइनर है और उसके अभिभावक अगर जमीन बेचते हैं तो, यह जमीन माइनर के पक्ष में यह पूरा लें दें होना चाहिए! अभिभावकों को उसकी जमीन बेचने का पूरा अधिकार नहीं है, आगे चलकर माइनर जब मेजर होता है वह इस संपत्ति पर अपना दावा ठोंक सकता है! क्या हो अगर आप बिना नियम पढ़े कोई एग्रीकल्चर लैंड खरीदते हैं? बहुत से नागरिकों ने अपने शहरी एग्रीकल्चर लैंड को इसीलिए खो दिया क्युकी वे नियमो से अवगत नहीं थे!

 

4 thoughts on “कैसे खरीदें खेती के लिए जमीन? डॉक्यूमेंट और प्रोसेस (दस्तावेज और प्रक्रिया)”
  1. सर.आप बताओ की खेती केस कर क्योकि जमीन महगी हो गयी ?
    जमीदार जमीनों को आदनी देत हें उसमे कुछ बचता नहीं किसान
    क्या कर किसान जमीनों को छोडकर कोई दुकान या अपना कोई
    ब्यापार शरू कर रह हें |क्योकि जिन लोगो के पास जमीने हें बो
    जमीनों को आदनी पाचबी पाती दे रह हें मेरा नम्बर हें 7568997797

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