आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना

[एजीईवाई] आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना| संपूर्ण जानकारी

pradhan mantri yojana

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आज हम अपने आर्टिकल के माध्यम से आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना की जानकारी लेकर आए हैं| हम आपको बताएंगे की आप किस प्रकार प्रधानमंत्री आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना लाभ उठा सकते हैं| भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने बजट में ग्रामीण आजीविका परियोजना (Aajeevika Grameen Express Yojana) की शुरुआत की है| इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण को सहायता देने के लिए बनाई गई है| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीने कहां किसानों की आय दोगुनी करने के लिए आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना वरदान साबित होगी|

केंद्र सरकार जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती परिवहन सेवा देने के लिए आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना (एजीईवाई) का विस्तार करने जा रही है। इसके तहत देश के सभी गांवों को ब्लॉक मुख्यालयों से जोड़ने के लिए परिवहन सेवा शुरू की जाएगी। इस कार्य के लिए स्वयं सहायता समूहों की मदद ली जाएगी। यह जानकारी को ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र तोमर ने संसद में दी। ग्रामीण विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार स्वयं सहायता समूह या उनके सदस्यों को वाहन खरीदने के लिए 6.50 लाख रुपए का ब्याजमुक्त लोन दिया जाएगा। इन रुपयों से ई-रिक्शा, थ्री व्हीलर या फिर फोर व्हीलर खरीदकर परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका एक्सप्रेस योजना

aajeevika grameen express yojana in hindi के जरिए ग्रामीणों क्षेत्रों में परिवहन सेवाएं मजबूत होंगी। साथ ही डीएवाई-एनआरएलएम के अंतर्गत पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को रोजगार भी मिलेगा। नरेंद्र तोमर ने बताया कि सभी 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस योजना को लागू करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है।इस योजना का कार्यान्वयन दीनदयाल अंत्योदय योजना –राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत किया गया है।

राज्य ब्लाकों का चयन उन ब्लाकों में से करेंगे जहां राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सक्रिय (aajeevika grameen yojana) रूप से लागू किया जा रहा है और जहां परिपक्व समुदाय आधारित संगठन पहले से काम कर रहे हैं। ब्लाकों तथा मार्गों के चयन में पिछड़ापन, परिवहन संपर्क का अभाव और सतत सेवा की संभावना जैसी बातों को ध्यान में रखा जाएगा।

आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एसआरएलएम) द्वारा चुने गए ब्लाकों में संभावना अध्ययन और यातायात सर्वेक्षण किया जाएगा। मार्गों तथा सतत आधार पर चलाए जाने वाहनों की संख्या और क्षमता की पहचान की जाएगी। यह अध्ययन तकनीकी रूप से उन मजबूत संगठनों द्वारा किया जाएगा जो परिवहन नेटवर्क नियोजन में विशेषज्ञता रखते हैं। 6.50 लाख की लागत सीमा के अंदर वाहन या तो ई-रिक्शा होगा या थ्री विहलर या फोर व्हिलर होगा।

एसआरएलएम द्वारा वाहनों के लिए परमिट जारी करने के काम में राज्य परिवहन के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। वाहन चलाने वाले स्वयं सहायता समूह के सदस्य यह सुनिश्चित करेंगे कि वैध परमिट, रोड़ टैक्स परमिट, वैध बीमा पालिसी जैसी सभी आवश्यक कानूनी और वैधानिक आवश्यकता पूरी की गई है।

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